एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019News 

जाने एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019 में क्यों खाली रह गई 40 सीट

संसार में भगवान के बाद धरती पर भगवान का दर्जा अगर किसी को मिला है तो वह डॉक्टर को मिला है । डॉक्टर बनने की चाहत हर युवा के अंदर होती है । उत्तराखंड में एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019 की 40 सीटें खाली रह गई है ।  गौरतलब है कि यह सीटें दिव्यांग युवाओं की थी । ऐसे में ऐसा माना जा रहा है कि दिव्यांग युवाओं में डॉक्टर बनने की चाहत में काफी कमी आई है ।
 पहले चरण के बाद रही 40 सीट खाली
 एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019 के लिए काउंसलिंग शुरू हो चुकी है । इस काउंसलिंग के पहले सत्र में ही दिव्यांग सीट की कुल संख्या 40 थी जो की पूरी तरह से खाली नजर आ रही हैं ।  इन 40 सीटों में दिव्यांग छात्रों की आरक्षित सीटें ज्यादा है । सरकार ने इस बारे में कहा है कि एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019 में दूसरे चरण में भी काउंसलिंग होगा और इस काउंसलिंग में फिर से जो दिव्यांग युवा इस सीट के लिए दावा करेंगे उन्हें मौका दिया जाएगा ।

इस तरह से है खाली सीटों का ब्यौरा

एमबीबीएस ऐडमिशन सत्र 2019 में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है । इस प्रक्रिया के दौरान दून मेडिकल कॉलेज में तकरीबन 8 सीट खाली है । वही हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 6 सीट श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 3 सीट और इसके पश्चात एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में 15 सीटें दिव्यांग युवाओं के लिए खाली है ।  इसके साथ ही हिमालयन मेडिकल कॉलेज में 8 सीटें खाली बताई जा रही है ।
इन सभी सीटों के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग होगी जिसके बाद दिव्यांग युवाओं को मौका दिया जाएगा । गौरतलब है कि जो दिव्यांग हाल ही में हुए नीट परीक्षा क्वालीफाई कर पाए हैं । वहीं दूसरी काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं और डॉक्टर बनने के सपने को पूरा कर सकते हैं । इससे पहले नीट यूजी काउंसलिंग ने पहले ही तय कर लिया था कि ईडब्ल्यूएस को आरक्षण प्राइवेट कॉलेजों में भी दिया जाएगा परंतु एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय ने  ईडब्ल्यूएस में आरक्षण नहीं दिया है । विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर विजय जुयाल ने इस बारे में बताया कि जल्द ही इसके बारे में सूचना अपलोड कर दी जाएगी ।

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